गोडसे ज्ञानशाला पर सरकार की चुप्पी के क्या हैं मायने?

बताया गया है कि इस ज्ञानशाला में गोडसे से जुड़े साहित्य और अन्य 'क्रांतिकारियों' से संबंधित ग्रंथ रखे गए हैं।

भोपाल (जोशहोश डेस्क) राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को महिमा मंडित करने का दौर ग्वालियर में जारी है। पहले प्रतिमा स्थापित की गई और अब अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने ‘गोडसे ज्ञानशाला’ की शुरुआत की है। इस दौरान जहां कार्यक्रम कार्यालाय के अंदर चलता रहा वहीं पुलिस बाहर खड़ी रही।

इसको लेकर अभी तक मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इस पूरे घटनाक्रम में सरकार की चुप्पी ऐसे तत्वों को समर्थन देने का काम ही करेगी।

वहीं विवाद बढ़ने पर हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने कहा कि यह हमारा निजी भवन है, निजी भवन में हम किसी की भी पूजा करें इसमें किसी को आपत्ती करने का अधिकार नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमने इस ज्ञानशाला की स्थापना युवा पीढ़ी को यह बताने के लिए की है कि गोडसे जी ने विभाजन का प्रतिकार कियों किया।

ग्वालियर के कार्यालय में शुरू की गई है गोडसे की ज्ञानशाला

ग्वालियर में दौलतगंज क्षेत्र में अखिल भारतीय हिंदू महासभा का कार्यालय है। इस कार्यालय में महासभा के पदाधिकारियों ने ज्ञानशाला की शुरुआत की। इस स्थल पर वीर सावरकर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना करने वाले डॉ. हेगडेवार और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र वाले पोस्टर लगाए गए थे।

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने बताया कि इस ज्ञानशाला में गोडसे से जुड़े साहित्य और अन्य क्रांतिक्रियों से संबंधित ग्रंथ रखे गए हैं। इस ज्ञानशाला का उद्देश्य युवाओं को भारत विभाजन के विभिन्न पहलूओं से अवगत कराना है।

कांग्रेस ने कहा – ऐसे आयोजनों पर लगे रोक

पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता डॉ. गोविंद ने कहा कि गोडसे की ज्ञानशाला जैसे आयोजनों पर रोक लगनी चाहिए। सरकार को आयोजकों पर कार्रवाई करना चाहिए। यदि कार्रवाई नहीं होती है तो यह माना जाना चाहिए कि आयोजकों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.के. मिश्रा ने ट्वीट कर कहा, “आज ग्वालियर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती के बाद उसकी ज्ञानशाला की शुरुआत हुई, कार्यक्रम स्थल पर बाकायदा श्यामाप्रसाद मुखर्जी, डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार की भी तस्वीरें लगी थीं! प्रदेश सरकार, संघ कबीले व भाजपा की यह नूरा-कुश्ती क्या है?”


बताया गया है कि इस ज्ञानशाला में गोडसे से जुड़े साहित्य और अन्य ‘क्रांतिकारियों’ से संबंधित ग्रंथ रखे गए हैं।

पहले भी हो चुका है विवाद

ज्ञात हो कि इससे पहले भी हिंदू महासभा ने गोडसे की प्रतिमा स्थापित की थी, उसको लेकर काफी हंगामा हुआ था, तब बाद में प्रतिमा को हटा दिया गया था। भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर सड़क से लेकर संसद तक में गोडसे को ‘राष्ट्रभक्त’ बता चुकी हैं और हंगामा होने पर बयान वापस भी ले चुकी हैं।

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