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CM योगी की ‘सियासत’ के खिलाफ ‘हमारे अब्बाजान’, मेरे पिता-मेरी शान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'अब्बाजान' पर मिल रहा इमोशनल जवाब।

लखनऊ (जोशहोश डेस्क) विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की सियासत में ‘अब्बाजान’ की एंट्री हुई। रविवार को कुशीनगर में आयोजित जनसभा में ‘अब्बाजान’ शब्द का इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुर्खियों में हैं। अब सीएम योगी के ‘अब्बाजान’ के जबाव में सोशल मीडिया पर हैशटेग ‘हमारे अब्बाजान’ (#HamareAbbaJaan) के साथ अपने पिता की तस्वीरों और उनके प्यार-दुलार को साझा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस अंदाज में पुरानी सरकार को लेकर ‘अब्बाजान’ का इस्तेमाल किया था उसे नफरत की राजनीति के तहत एक समुदाय को निशाना माना जा रहा है। विपक्षी दलों के साथ ही सोशल मीडिया पर इसके खिलाफ नाराजगी दिखी थी।

अब सोशल मीडिया पर इसके खिलाफ अपने पिता के प्रति आदरभाव दिखाते हुए तस्वीरों को पोस्ट किया जा रहा है। साथ ही कहा रहा है कि अब्बाजान, पापा डैडी,अब्बू, ये शब्द ही आदर के सूचक हैं। इनका इस्तेमाल राजनीतिक नफे नुकसान के लिए नहीं होना चाहिए-

गौरतलब है कि सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को कुशीनगर में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान अपने कार्यकाल में मिलने वाली सुविधाओं की तुलना पिछली सरकारों से करते हुए भीड़ से पूछा था कि अब राशन मिलता है कि नहीं? क्या 2017 से पहले भी ऐसे ही मिलता था? तब तो अब्बाजान कहने वाले राशन हजम कर जाते थे। तब कुशीनगर का राशन नेपाल और बांग्लादेश पहुंच जाता था। आज कोई गरीबों का राशन निगलेगा तो जेल जाएगा।

हालाँकि यह पहला मौका नहीं जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब्बाजान शब्द का इस्तेमाल किया हो। इससे पहले सीएम योगी ने यूपी विधानसभा में कहा था कि कुछ लोगों ने तब टीका लगवाया है, जब उनके ‘अब्बा जान’ ने टीका लगवा लिया। यह बात उन्होंने सपा नेता मुलायम सिंह यादव के टीका लगवाने को लेकर कही थी। अब कुशीनगर में एक बार फिर अब्बाजान बोलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विवाद को हवा दे दी।

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