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नाकाम प्रशासन का दबाव? शिव-राज में नहीं हो सकी शिवमहापुराण

व्यास गादी पर भावुक हुए पंडित प्रदीप मिश्रा, शिवराज सरकार और जिला प्रशासन पर फूटा भक्तों का गुस्सा।

सीहोर (जोशहोश डेस्क) कथा वाचक प्रदीप मिश्रा द्वारा आयोजित कुबरेश्वर महादेव धाम में सोमवार से शुरू हुआ 7 दिवसीय शिव महापुराण एवं रुद्राक्ष महोत्सव प्रशासनिक नाकामियों के चलते पहले दिन ही स्थगित कर दिया गया। करीब एक माह से चल रही तैयारियों के बाद पहले दिन ही पंडित प्रदीप मिश्रा ने भावुक होकर व्यास गादी से कार्यक्रम निरस्त करने की घोषणा कर दी। निराश भक्तों के साथ कांग्रेस ने भी इसके लिए शिवराज सरकार और जिला प्रशासन पर सवाल उठाये हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में कार्यक्रम के पहले ही दिन लाखों श्रद्धालुओं के आने के कारण इंदौर-भोपाल स्टेट हाईवे करीब 6 घंटे तक जाम रहा। हाईवे पर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गई। पुलिस और प्रशासन आयोजन की व्यवस्थाओं में नाकाम रहा।

वेब पोर्टल सीहोर हलचल के मुताबिक जाम में फंसे कुछ वीआईपी आयोजन की तैयारियों से इतने खफा हो गए कि उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और जिसके बाद पंडित प्रदीप मिश्रा सहित आयोजन समिति पर कार्यक्रम निरस्त करने का दबाव बनाया गया था। ऊपर के भारी दबाव के चलते पंडित प्रदीप मिश्रा को व्यास गादी से आयोजन को निरस्त करने का निर्णय लेना पड़ा।

कांग्रेस ने आयोजन निरस्त होने को लेकर शिवराज सरकार पर सवाल उठाये हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने इसे प्रदेश के लिए शर्मनाक बताया और कहा कि महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या , शिवराज जी की सरकार , शिवराज जी का क्षेत्र और शिव ज्ञान की गंगा बहाने वाला “शिव महापुराण व रुद्राक्ष महोत्सव” का 7 दिवसीय महाआयोजन दबाव डालकर पहले दिन ही स्थगित करा दिया गया क्योंकि प्रशासन लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्था संभालने में असफल साबित हुआ?

सोशल मीडिया पर भी प्रशासन को नाराजगी दिखाई दे रही है-

दूसरी ओर ट्रैफिक व्यवस्था सँभालने के दावे पर सीहोर कलेक्टर-एसपी को भी लोग खरी खोटी सुना रहे हैं-

गौरतलब है कि पं. प्रदीप मिश्रा ने सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया था। इसमें 11 लाख रूद्राक्ष का वितरण भी होना था। आयोजन के पहले दिन ही फैली अव्यवस्था के कारण प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। कई थानों की पुलिस बुलाई गई लेकिन इसके बाद भी भीड़ नियंत्रित नहीं हुई तो पं. प्रदीप मिश्रा ने आयोजन निरस्त करने का ऐलान कर दिया। उन्होंने ये ऐलान करते समय उपस्थित लाखों की संख्या में श्रद्धालु भक्तों से माफी मांगी, क्षमा याचना की, साथ ही भरोसा भी दिलाया कि जल्द ही आयोजन को इसी भव्यता के साथ उत्तराखंड की धरा हरिद्वार में किया जाएगा। आयोजन को निरस्त करने का निर्णय सुनाने के बाद पंडित प्रदीप मिश्रा इतने भावुक हो गए कि वे खुद ही व्यास गादी पर रो पड़े।

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