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नए शिवराज के 12 मूलमंत्र

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी चौथी पारी में बदले बदले नजर आ रहे हैं। इस कार्यकाल में उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में कुछ मूलमंत्रों को शामिल किया है।

भोपाल (जोशहोश डेस्क) मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी चौथी पारी में बदले बदले नजर आ रहे हैं। आमतौर पर शांत और संयत रहने वाले शिवराज अपने इस कार्यकाल में बेहद सख्त तेवरों के साथ दिखाई दे रहे हैं। यही नहीं उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में कुछ मूलमंत्रों को शामिल किया है जिन पर अमल उन्हें पांचवी बार सत्ता के शीर्ष तक पहुंचने में निर्णायक साबित हो सकता है। मंगलवार को कोलार डेम के रेस्ट हाउस में हुई कैबिनेट बैठक में भी ये मूलमंत्र छाए रहे और मंत्रियो को अपने विभागों में इन पर प्राथमिकता देने को कहा गया। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश को लक्ष्य बनाते हुए इन मूलमंत्रों में गरीब, किसान और महिलाओं पर सर्वाधिक फोकस किया गया है। शिवराज ने अधिकारियों के समक्ष इन मूलमंत्रों को स्पष्ट भी कर दिया है।

1. जनता ही भगवान
शिवराज कई अवसरों पर यह कह चुके हैं कि प्रदेश की जनता ही उनकी भगवान है और वे पुजारी। इस वाक्य को अब पूरी सरकार शिरोधार्य करने जा रही है। जिसके तहत अहंकार मुक्त हो जनता के हित को ही सर्वोपरि रखा जाएगा।

2.निर्धन कल्याण
निर्धन और वंचितों के लिए कल्याणकारी योजनाओं की लगातार समीक्षा और नई योजनाओं में भी इस वर्ग पर विशेष ध्यान, सम्बल जैसी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन।

3.किसानों को राहत
शिवराज खुद को किसानपुत्र बताने से गुरेज नहीं करते। उन्होंने यह साफ किया है कि किसानों को फसलों के उचित दाम और उन्हें बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किए जाएं। किसानों के कल्याण की नई योजनाओं पर भी काम किया जाए।

4.महिला सशक्तिकरण
हाल ही में महिलाओं का भाजपा की ओर रूझान बढा है। यही कारण है कि सरकार भी महिला सशक्तिकरण पर जोर दे रही है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है। धर्म स्वातंत विधेयक से सरकार ने अपनी मंशा भी साफ कर दी है।

5.सुशासन
भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टाॅलरेंस की नीति के साथ शासकीय महकमों से सुशासन का संदेश जनता का पहुंचाना। सेवा केंद्रों में पारदर्शिता।

6.माफिया मुक्त प्रदेश
चौथे कार्यकाल में शिवराज का फोकस माफियामुक्त प्रदेश पर है।भूमाफिया और मिटावट माफिया पर नकेल कसी जा रही है और प्रशासन को फ्री हैंड दिया गया है।

7.विकास कार्यों में लेट लतीफी नहीं
निर्धारित अवधि में शासकीय परियोजनाओं को किया जाना।

8.केंद्र की योजनाओं में टाॅपर
शिवराज केंद्र में अपनी स्थिति को बरकरार रखने को लेकर गंभीर हैं।कलेक्टर-कमिश्नर को साफ कहा गया है कि केंद्र की योजनाओं पर प्रदेश में अमल पूरी तत्परता से हो।

9.आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को फ़लीभूत करते हुए आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण।इसके रोडमैप पर तेजी से क्रियान्वयन।

10.रोज़गार के अवसर
हर विभाग में ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन।ओद्योगिकीकरण को बढ़ावा। स्किल डेवलपमेन्ट पर ध्यान।
11.स्वास्थ्य सुविधाएं
प्रदेश के मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में बेहतर स्वस्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना।

12.शिक्षा के अवसर
प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के अवसरों में वृद्धि। नामी शैक्षणिक संस्थाओं को प्रदेश में बुलावा और विद्यार्थियों को प्रोत्साहन के लिए व्यापक योजनाए।

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