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टीका उत्सव: अशोकनगर में डोज खत्म, ग्वालियर के 17 केंद्रों पर जीरो वैक्सीनेशन

टीका उत्सव के पहले दिन प्रशासन की तैयारियां पूरी दिखाई नहीं दी। कुछ जिलों के स्वास्थ्य केंद्रों पर दोपहर तक ही वैक्सीन के डोज खत्म हो गए।

भोपाल (जोशहोश डेस्क) प्रदेश में कोरोना की गंभीर होती स्थिति के बीच रविवार से टीका उत्सव प्रारंभ हुआ। पहले दिन प्रशासन की तैयारियां पूरी दिखाई नहीं दी। कुछ जिलों के स्वास्थ्य केंद्रों पर दोपहर तक ही वैक्सीन के डोज खत्म हो गए तो कहीं लोगों ने ही टीके को लेकर उत्साह नहीं दिखाया। वहीं हरदा में लक्ष्य से ज्यादा टीकाकरण हुआ।

आइए जानते हैं जिलावार कैसा रहा टीका उत्सव का पहला दिन

अशोकनगर में दोपहर दो बजे ही जिला मुख्यालय पर वैक्सीन के डोज खत्म हो गए। लोगों को निराश होकर घर लौटना पड़ा। टीके लिए शाम तक लोग वैक्सीन के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाते रहे। जिला अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग की भी अनदेखी हुई। दूसरी ओर जिले में मरीजों की बढ़ती संख्या देख कलेक्टर अभय वर्मा ने 19 अप्रैल तक कोरोना कर्फ्यू का प्रस्ताव सरकार को भेजा है।

भिंड के दस स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह 11 बजे ही वैक्सीन खत्म हो गई। जिससे लोगो में भारी नाराजगी देखी गई। टीकाकरण के लिए 72 केंद्र बनाए गए थे। इनमें आठ हजार लोगों को वैक्सीन लगनी थी लेकिन 6122 लोगों को ही वैक्सीन लग पाई।

ग्वालियर में टीका उत्सव के पहले दिन 117 केंद्रों में से 17 केंद्रों पर एक भी टीका नहीं लगा। इन केंद्रों पर टीका लगवाने कोई पहुंचा ही नहीं। प्रशासन ने 21930 लोगों को टीके का लक्ष्य रखा था लेकिन 12541 को ही टीका लग सका।

हरदा में टीका उत्सव का पहला दिन सफल रहा। प्रशासन ने 4000 लोगों को टीके का लक्ष्य रखा था जबकि 4865 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। जिले में अब भी वैक्सीन के दस हजार से ज्यादा डोज स्टाक में हैं। बुरहानपुर में टीका उत्सव के पहले दिन पांच हजार लोगों को वैक्सीन लगाई गई। पहले दिन सुबह नौ बजे ही स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन के लिए लंबी लाइनें देखीं गईं।

दतिया में टीका उत्सव के पहले दिन जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम रहा। लोगों को वैक्सीन की जानकारी देने पर्याप्त स्टाफ नहीं था। तीसरी मंजिल पर वैक्सीन लगाए जाने से बुजुर्गों को तकलीफ का सामना करना पड़ा।

विदिशा में टीका उत्सव को लेकर लोगों में उत्साह नहीं दिखा। मेडिकल काॅलेज मे 500 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा था लेकिन 120 लोगों को ही टीका लगाया जा सका। वहीं जिला अस्पताल में भी 500 लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य था लेकिन यहां तो केवल 50 लोगों को ही टीका लगा।

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