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घाटी में सुरक्षा कारणों से भारत जोड़ो यात्रा स्थगित, राहुल गांधी ने उठाये बड़े सवाल

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त होने की कही बात

बनिहाल (जोशहोश डेस्क) जम्मू-कश्मीर में राहुल गांधी की सुरक्षा में बड़ी चूक की खबर है। यात्रा के दौरान राहुल के सुरक्षा घेरे में कई लोग घुस आए। इसके बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त होने की बात कही और यात्रा से खुद को अलग कर लिया। साथ ही राहुल गांधी ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाये।

अनंतनाग में मीडिया से चर्चा में राहुल गांधी ने कहा कि आज बड़ी संख्या में लोग यात्रा में आए थे पर एकाएक पुलिस व्यवस्था पूरी तरह ठप्प हो गयी। मेरे सुरक्षाकर्मी मेरे आगे पैदल चलने के ख़िलाफ़ थे। उनकी बात सुनकर मुझे अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी। आशा करता हूं कि कल और परसों यात्रा के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी

राहुल ने यह भी कहा कि भीड़ को काबू करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि हम यात्रा कर सकते। मेरी सुरक्षा में लगे लोगों की सलाह को दरकिनार करना मेरे लिए मुश्किल था। राहुल गांधी की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने पुलिस अधिकारियों और CRPF के जवानों को जिम्मेदार बताया।

कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हेंडल पर एक वीडियो भी जारी किया। साथ ही लिखा कि-सुरक्षा की इतनी बड़ी चूक यात्रा के 133 दिनों में नहीं हुई। रस्से कांग्रेस के कार्यकर्ता खींच रहे हैं, कहां है जम्मू कश्मीर की पुलिस? जम्मू कश्मीर में केंद्र का शासन है, इस चूक की ज़िम्मेदारी किसकी? आख़िर राहुल गांधी की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?

वहीं कश्मीर जोन की पुलिस ने कहा कि कांग्रेस नेता की सुरक्षा में चूक नहीं हुई है। पुलिस के मुताबिक़ भारत जोड़ो यात्रा में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही घेरे के अंदर जाने की अनुमति दी गई थी। यात्रा के आयोजकों और प्रबंधकों ने बनिहाल से यात्रा में शामिल होने वाले लोगों के बारे में नहीं सूचित किया था।

इससे पहले शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के बनिहाल पहुंची भारत जोड़ो यात्रा में नेशनल कांफ्रेस के नेता उमर अब्दुल्ला भी शामिल हुए। इस दौरान उमर अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी ने व्यक्तिगत कारणों से इस यात्रा को शुरू नहीं किया बल्कि उन्हें देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के प्रयासों को लेकर चिंता थी, इसलिए उन्होंने यह यात्रा शुरू की। इस यात्रा का उद्देश्य राहुल गांधि की छवि (इमेज) में सुधार करना नहीं बल्कि बल्कि देश के मौजूदा माहौल को बदलना है।

गौरतलब है कि भारत जोड़ो यात्रा 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी। इसने गुरुवार रात को पंजाब से जम्मू-कश्मीर में प्रवेश किया। 30 जनवरी को राहुल गांधी श्रीनगर के कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इसके साथ ही यात्रा समाप्त हो जाएगी।

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