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4.50 करोड़ में से 20 लाख महिलाओं को भी नहीं मिलेगा ‘लाड़ली बहना’ का लाभ?

कांग्रेस का आरोप. शिवराज सरकार योजना को लेकर कर रही गुमराह

भोपाल (जोशहोश डेस्क) मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों लाड़ली बहना योजना बेहद सुर्ख़ियों में है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को एक बड़े इवेंट में इस योजना की आधिकारिक घोषणा की। वहीं अब कांग्रेस ने इस योजना पर सवालिया निशान उठाये हैं। कांग्रेस ने कहा है कि सरकार योजना को लेकर गुमराह कर रही है और प्रदेश की करीब 4.50 करोड़ में से 20 लाख महिलाओं को भी लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं मिलेगा?

मध्यप्रदेश मीडिया विभाग की उपाध्यक्ष संगीता शर्मा ने कहा है कि मध्यप्रदेश की बहनें वैसे ही महंगाई से परेशान हैं। हर दिन घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ रहे हैं। ऐसे में महिलाओं का घर चलाना हो रहा मुश्किल हो रह है। ऊपर से मुख्यमंत्री जी ने मजाक बना रखा है कि मध्यप्रदेश की बहनों को लाड़ली बहना योजना के तहत ₹1000 दिया जाएगा।

संगीता शर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश की बहनों के पर टर्म्स एंड कंडीशन अप्लाई की गई हैं। इसके तहत वह बहनें जो 23 वर्ष से कम उम्र की है और वह माताएं जो 60 वर्ष से ऊपर की है और इसके अतिरिक्त जिस परिवार में शासकीय सेवक है या जिस परिवार की जमीन 5 एकड़ है या जिस परिवार की आमदनी ढाई लाख से कम है ऐसी बहनों को इसका लाभ बिल्कुल भी नहीं मिलने वाला।

उन्होंने बताया कि यदि मोटा-मोटा आंकड़ा देखा जाए तो मध्यप्रदेश की आधी आबादी महिलाएं की संख्या लगभग 4.50 करोड़ है। 4.50 करोड़ महिलाओं में से 23 वर्ष से कम उम्र की महिलाएं करीब एक करोड़ है और इन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

इसी तरह योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं भी करीब 1 करोड़ हैं। इन्हें भी योजना लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही जिन लाड़ली बहनों के परिवार की आमदनी ढाई लाख से अधिक है उन बहनों की संख्या 50 लाख है ऐसी बहनों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा जिन लाड़ली बहनों के परिवार में 5 एकड़ से अधिक जमीन है ऐसे परिवार की 50 लाख बहनों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा और जिस परिवार में सरकारी नौकरी के सदस्य है ऐसी 30 लाख महिलाओं को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही जिस घर में चार पहिया वाहन या ट्रेक्टर है ऐसी 20 लाख महिलाओं को भी लाडली बहना योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

जिन महिलाओं के पेपर कंप्लीट नही है बैंक खाते ही नहीं है या ऐसी अन्य दूसरी वजह से लाडली बहना अयोग्य होंगी, ऐसी लगभग 80 लाख महिलाओं को भी इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। अब लाडली बहना के लिए आवेदन करने की पात्र महिलाओं की संख्या मात्र 20 लाख ही बची है।

संगीता शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री जी प्रचार प्रसार और विज्ञापनों में करोड़ों रुपया खर्च कर रहे हैं। करोड़ों रुपया खर्च करके इवेंट कर घुटनों के बल बैठकर ढिंढोरा पीट रहे हैं कि हम महिलाओं को ₹1000 देंगे जबकि ₹1000 में तो इन बहनों को घरेलू गैस सिलेंडर भी नहीं मिलेगा। ऐसे में प्रदेश की आधी आबादी नारी शक्ति को गुमराह कर आप वोटों की राजनीति कर रहे हैं यदि आप की नीति और नियत सही होती तो 18 सालों से यह बहने गरीब नहीं होती, आर्थिक रूप से कमजोर नहीं होतीं।

गौरतलब है कि कांग्रेस ने सत्ता में आने पर महिलाओं को प्रतिवर्ष ₹18000 की आर्थिक सहायता देने का वादा किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने इसे संसार की सबसे बड़ी महिला सशक्तिकरण योजना बताया है। कमलनाथ ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने मध्यप्रदेश की महिलाओं को देश में सबसे अधिक आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है और हम वह संकल्प पूरा करेंगे।

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