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रायसेन: आदिवासी युवक की मौत का सच आएगा सामने या फिर रफा-दफा होगा केस?

परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, कमलनाथ ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

रायसेन (जोशहोश डेस्क) प्रदेश में दलित-आदिवासी समुदाय के उत्पीड़न के मामले थमते दिखाई नहीं दे रहे हैं। आदिवासी वर्ग पर अत्याचार का ताज़ा मामला सिलवानी से सामने आया है जहाँ एक आदिवासी युवक की संदिग्ध परिस्थिति मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मामला सिलवानी के चैनपुर गांव का है। यहाँ पुलिस एक आदिवासी युवक श्रीराम को पुलिस चौकी ले गई थी। सुबह उसका शव मिला। परिजनों का आरोप है कि पुलिस श्रीराम को मंदिर से स्कूल तक जूते-चप्पल से मारते हुए गाड़ी में बैठाकर चौकी ले गई थी। मृतक के पिता जगमोहन के मुताबिक़ उनके बेटे को पुलिस ने मरवा दिया।

आदिवासी युवक श्रीराम की संदिग्ध मौत के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से जानना चाहूंगा कि इस मामले में इंसाफ होगा या फिर आदिवासियों पर अत्याचार करने की अपनी आदत के मुताबिक इस मामले को भी रफा दफा कर दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि शिवराज सरकार में कभी भाजपा नेता, कभी पुलिस, कभी प्रशासन तो कभी दबंग आदिवासियों पर लगातार अत्याचार कर रहे हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर सबसे सख्त कार्रवाई की जाए।

वहीं पुलिस का कहना है कि भजन कार्यक्रम में श्रीराम आदिवासी नशे में गाली-गलौज और अभद्रता कर रहा था। शिकायत मिलने पर उसे पुलिस चौकी लाया गया था। रात करीब 8:30 बजे उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। वे श्रीराम को बाइक पर बैठाकर ले गए थे। दूसरे दिन उसकी मौत की सूचना मिली थी जिसके बाद पोस्टमॉर्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया है। युवक की मौत घर पर ही हुई है।

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