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CJI के बेटे को योगी सरकार ने बनाया ‘सीनियर एडवोकेट’, उठ रहे सवाल?

अधिसूचना जारी होने के बाद सोशल मीडिया की सुर्ख़ियों में CJI के बेटे श्रीयश ललित

नई दिल्ली (जोशहोश डेस्क) चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया जस्टिस यूयू ललित के बेटे श्रीयश ललित को उत्तर प्रदेश सरकार ने सीनियर एडवोकेट पैनल में शामिल किया है। शनिवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। इसके बाद श्रीयश ललित सोशल मीडिया की सुर्ख़ियों में आ गए साथ ही उनकी इस नियुक्ति पर सवाल भी उठ रहे हैं।

योगी सरकार में विशेष सचिव निकुंज मित्तल की ओर से शनिवार को अधिसूचना जारी कर श्रीयश ललित के संदर्भ में सूचना दी गई। श्रीयश के अलावा प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में तीन और सरकारी अधिवक्ता नियुक्त किए हैं। अब श्रीयश सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार की ओर से केस की पैरवी करते हुए दिखाई देंगे।

श्रीयश ललित की नियुक्ति पर प्रोफेसर दिलीप मंडल ने लिखा-चीफ़ जस्टिस यूयू ललित का बेटा यानी जस्टिस यूआर ललित का पोता 2018 तक लॉ पढ़ता है। 2019 में थोड़ी प्रैक्टिस करता है फिर लॉक डाउन लगता है। कोर्ट खुलने के बाद कुछ केस देख लेता है। यूपी ने उसे “सीनियर एडवोकेट” के पैनल में शामिल किया है। ये जज बनने की पहली सीढ़ी है।

CJI यूयू ललित को कॉलेजियम की मदद से 13 अगस्त 2014 में सुप्रीम कोर्ट का जज चुना गया था। वे देश के ऐसे छठे वकील बने थे जिन्हें सीधा सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया। वहीं 10 अगस्त 2022 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें देश के 49वें चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त किया। फिर 27 अगस्त को उन्होंने CJI पद शपथ ली और कार्यभार संभाला। एक माह के भीतर ही अब उनके बेटे को उत्तर प्रदेश सरकार ने सीनियर एडवोकेट पैनल में शामिल किया गया है।

गौरतलब है कि CJI यूयू ललित के परिवार की 4 पीढ़ियां न्यायपालिका से जुड़ी हुई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के सीनियर एडवोकेट पैनल में शामिल किये गए श्रीयश ललित की पत्नी रवीना भी पेशे से वकील हैं। योगी सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 4 सरकारी अधिवक्ता नियुक्त किए हैं। उनमें श्रीयश ललित के अलावा पूर्व अपर महाधिवक्ता विनोद कांत के पुत्र यशार्थ कांत कनिष्ठ पैनल अधिवक्ता, नमित सक्सेना को एडवोकेट इन रिकॉर्ड, प्रीति गोयल को विशेष पैनल अधिवक्ता नियुक्त किए गए हैं।

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